हरिद्वार,यमुनोत्री,उत्तरकाशी,गंगोत्री,केदारनाथ,बद्रीनाथ,ऋषिकेश,नीलकंठ,मनसा देवी ,चंडी देवी, हर की पौड़ी
(हरिद्वार) रात्रि हरिद्वार पहुंचकर होटल में विश्राम।
(बरकोट) प्रातः बड़कोट प्रस्थान रात्रि विश्राम।
(यमुनोत्री) यमुनोत्री दर्शन 6 km चढ़ाई, रात्रि विश्राम बड़कोट ।
(उत्तरकाशी) प्रातः उत्तरकाशी प्रस्थान काशी विश्वनाथ दर्शन रात्रि विश्राम ।
(गंगोत्री) प्रातः गंगोत्री दर्शन, एवं स्नान, रात्रि विश्राम उत्तरकाशी।
(रामपुर) प्रातः रामपुर के लिए प्रस्थान, रात्रि विश्राम रामपुर।
(केदारनाथ) प्रातः केदारनाथ के लिए प्रस्थान 16 km चढ़ाई रात्रि विश्राम ।
(रामपुर) प्रातः दर्शन के बाद नीचे रामपुर आकर रात्रि विश्राम ।
(बद्रीनाथ) प्रातः बद्रीनाथ के लिए प्रस्थान दर्शन, रात्रि विश्राम बद्रीनाथ।
(श्रीकोट) प्रातः माना गांव के बाद श्रीकोट प्रस्थान रात्रि विश्राम श्रीकोट।
(ऋषिकेश) प्रातः श्रीकोट से ऋषिकेश नीलकंठ हरिद्वार में रात्रि विश्राम ।
(हरिद्वार) हरिद्वार मनसा देवी चंडी देवी हर की पौड़ी रात्रि विश्राम ।
(झांसी) हरिद्वार से ट्रेन द्वारा अपने अपने गंतव्य को रवाना।
प्रति व्यक्ति 1,999 जमा कर यात्रा बुक करें।
हरिद्वार के बाद उत्तराखंड में 12 या 15 सीटों वाली ट्रैवलर बसें रहेंगी।
चाय नाश्ता, दोनो टाइम शाकाहारी भोजन, एवम पानी। ( केदारनाथ में स्वयं का भोजन। )
दवाइयां, कपड़े, कुछ नाश्ता, समान कम से कम रखें।
अश्वद्वार, सागर स्नान (मन्दिर की दूरी स्टेशन से केवल एक मील।)
होटल धर्मशाला में रुकना ( केदारनाथ में कैंप रहेगा )। तीन, चार, लोग एक कमरे मे नॉन एसी।
रेलवे विभाग द्वारा स्पेशल यात्रा के वास्ते जो भी नियम बनाये गये हैं (सामान, रेलवे टाईम टेबिल और बोगी चेकिंग के वास्ते) उनका पूर्ण रूप से यात्रियों को पालन करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक विवाद का न्यायक्षेत्र केवल ऋषिकेश (देहरादून) होगा। उपभोक्ता समिति के अन्तर्गत आने वाले विवाद का भी न्यायक्षेत्र ऋषिकेश (देहरादून) ही होगा।
यात्रियों से अनुरोध है कि अपनी बुकिंग कराने के पश्चात् हैड ऑफिस में अवश्य सूचना दें ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि होने की संभावना ना हो। यात्री सीट बुक कराते समय संस्थापक स्व0 लाला शिवचरण लाल अग्रवाल का नाम, फोटो एवं यात्रा संस्था का नाम सावधानी पूर्वक पढ़कर ही सीट बुक करवायें।
प्रत्येक यात्री टाईम टेबल के अनुसार चलने को बाध्य होंगे, यदि किसी कारणवश कोई गु्रप से अलग होता है तो अगले स्टेशन/गन्तव्य पर यात्री अपने खर्चे पर पहुचेगें। संक्रमक रोगी, मादक पदार्थों का सेवन करने वाले अथवा झगडालू यात्री को यात्रा से पृथक करने का पूर्ण अधिकार व्यवस्थापक का होगा।
यदि कोई यात्री किन्हीं कारणवश अथवा अस्वस्थ होने की वजह से अपनी यात्रा अधूरी छोड़कर घर वापिस आना चाहेगा तो उस अवस्था में यात्री को व्यवस्थापक की तरफ से केवल घर तक पहुंचाने हेतु रेलवे का थ्री टायर स्लीपर क्लास टिकिट ही दिया जायेगा। किराया वापसी किसी भी अवस्था में देय नहीं होगा। यह व्यवस्था केवल यात्रा समाप्ति के 5 दिन पूर्व तक लागू होगी।
यात्रा में ट्रेन की उपलब्धता, समय के आधार पर निर्भर होती है अतः रेल के देर से पहुँचने, फ्लाइट लेट होने / बस खराब होने/ रेलवे द्वारा बदलाव/ मौसम खराब होने/साप्ताहिक अवकाश/ बन्द/ रैली आदि के कारण सें किसी स्थान पर दर्शन ना होने पर संस्था/ व्यवस्थापक द्वारा कार्यक्रम में जो भी बदलाव किया जायेगा, यात्रियों से निवेदन है कि परिस्थतियों को समझते हुए उसमें अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें।
हमें कॉल करने में संकोच न करें। हमारे पास विशेषज्ञों की एक टीम है जो आपके सभी प्रश्नों का समाधान करेगी। धन्यवाद।